UdayBhan Rathod कौन था – जानिए क्यों की मुगलों के साथ मिलकर लड़ाई।

आज का यह आर्टिकल आपको कुछ सिखाने वाला है इस आर्टिकल में हम उदय भान राठौर के जीवन के बारे में बात करेंगे आपको इस आर्टिकल के माध्यम से बताएंगे कि Udaybhan Rathod कौन था, और उसने मुगलों के साथ मिलकर हमारी मिट्टी को क्यों दादा दी, यदि आपको भी Udaybhan Rathod के बारे में पूरी जानकारी प्राप्त करनी है और जानना है कि Udaybhan Rathod कौन था, तो आज के इस आर्टिकल को आप शुरू से लेकर आखिर तक बिल्कुल ध्यान से पढ़ें, इस आर्टिकल में हम आपको Udaybhan Rathod से जुड़ी पूरी जानकारी देंगे।

जैसा कि आपको पता है हमारा भारत कई सारी चीजों के लिए विश्व प्रसिद्ध है चाहे फिर वह महाभारत की लड़ाई हो या फिर 0 हैं की खोज, हर तरफ हमारे भारत ने अपना नाम रोशन किया है, आपकी जानकारी के लिए बता दें हमारा भारत सबसे पुरानी सभ्यता और सबसे ज्यादा भाषा बोलने वाला सिर्फ एक मात्र देश है, जहां पर सबसे पुरानी सभ्यता बस्ती है और हमारे देश भारत में सबसे ज्यादा भाषाएं बोली जाती हैं।

भारत के इतिहास में बहुत सारे योद्धा हुए हैं जिन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर भारत माता की रक्षा की है इन योद्धाओं की लड़ाई ज्यादातर मुगल साम्राज्य से देखी गई है। मुगलों से होने वाली लड़ाई यह तो एक आम बात है लेकिन इतिहास में एक ऐसा योद्धा भी था, जो धर्म से हिंदू होते हुए भी मुगलों की तरफ से लड़ा और इस योद्धा का नाम Udaybhan Rathod है, कमाल की बात तो यह है उदय भान सिंह राठौर जो कि एक राजपूत था, इन्होंने इतिहास में हिंदू मराठा राजा से युद्ध किया था। तो इस कहानी को सुनने के बाद सभी के दिमाग में एक सवाल आता है कि Udaybhan Rathod कौन थे, जिसने अपनी ही देश भारत की मिट्टी के साथ दगाबाजी करी।

Udaybhan Rathod कौन है।

आपकी जानकारी के लिए बता दे उदय भान सिंह का जन्म 1635 में हुआ था और यह एक राजपूत योद्धा थे। Udaybhan Rathod एक बहुत ही शक्तिशाली योद्धा था और वह शुरुआत में ही हिंदू साम्राज्य का वफादार था। लेकिन बाद में उसने मुगलों को अपने शौर्य से प्रभावित किया और उनके साथ मिलकर उनका सूबेदार बन गया। आखिर ऐसा क्यों किया उदय भान सिंह राजपूत ने, यह जानने के लिए आपको थोड़ा पीछे जाना होगा।

Udaybhan Rathod ने मुगलों की तरफ से लड़ाई क्यों की।

उन दिनों उदय भान एक राजघराने में जगत सिंह के राज महल में राजकुमारी कमला देवी को तलवारबाजी सिखाने जाया करता था, ऐसे में उसकी मुलाकात रोजाना राजकुमारी कमला देवी से होती थी. समय बीतते बीतते Udaybhan Rathod राजकुमारी से प्रेम करने लगा, और जैसे ही उदय भान राठौर राजकुमारी से अपने प्यार का इजहार करता है। तो राजकुमारी उदय भान का प्रस्ताव यह कहकर ठुकरा देती है, कि तुम्हारा और हमारा कोई मेल नहीं है। तब Udaybhan Rathod कहता है कि कैसे कोई मेल नहीं है मेरे पिता भी एक महंत है।

तब राजकुमारी Udaybhan Rathod को जवाब देती है कि बात धन और संपत्ति की नहीं है तुम्हारे और मेरे रक्त में ही कोई मेल नहीं है मुझे भली-भांति पता है कि तुम्हारे पिता एक महंत हैं लेकिन तुम्हारी माता, इतना कहते ही राजकुमारी चुप हो जाती है। और यह बात सुनते ही Udaybhan Rathod को यह बात बहुत ज्यादा बुरी लग जाती है, और इतनी बात सुनते ही उदय भान को राजपूतों से नफरत होने लगती है। और उदय भान वापस अपने घर लौटते हैं और अपनी मां को गले लगाते हुए एक कसम लेते हैं। और उसी कसम के अनुसार वह मुगलों साम्राज्य में जाकर मुगलों को अपनी शक्ति का प्रदर्शन दिखाते हैं। जिससे खुश होकर राजा उदय सिंह उदय भान राठौर को मुगल सेना में शामिल कर लेते हैं।

और इसी तरह उदय भान राठौर एक राजपूत होने के बावजूद भी बदले की आग में जलते हुए मुगलों का साथ देता है और उस राजकुमारी की शादी जिस राजकुमार से होती है उस राजकुमार को मुगल मार देते हैं और उसके बाद Udaybhan Rathod राजकुमारी को बंदी बनाकर अपने साथ ले जाते हैं, इस प्रेम की वजह से ही उदय भान राठौर बदला लेना चाहता था और इस बदले के कारण ही राजपूत उदय भान राठौर मुगलों का साथ देता है और मुगल Udaybhan Rathod की इस शक्ति का फायदा उठाते हुए कुणाला जिले का सूबेदार बना देते हैं। तो दोस्तों यही कारण था कि उदय मान राजपूत होने के बावजूद भी मुगलों के तरफ से लड़ता है।

UdayBhan Rathod की मृत्यु कैसे और कहां हुई।

बात 4 फरवरी 1670 की लड़ाई की है जिस लड़ाई में Konthana जिले में सूबेदार तानाजी से हुई थी उस लड़ाई में UdayBhan Rathod की मृत्यु सूबेदार के हाथों हुई थी। 4 फरवरी 1670 में उदय भान राठौर का अंत हो गया।

तो दोस्तों अब आपको पता चल चुका होगा कि राजपूत उदय भान राठौर कौन था और उसने मुगलों के साथ मिलकर हमारी मिट को दगा क्यों दी, यदि आपको हमारे द्वारा दी गई UdayBhan Rathod की यह जानकारी पसंद आई तो आप इस आर्टिकल को अपने दोस्तों तक जरूर शेयर करें, जो कि राजा उदय भान राठौर के बारे में जानना चाहते हैं। धन्यवाद दोस्तों इस आर्टिकल को पढ़ने के लिए।

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