हस्त रेखा कैसे देखे हस्तरेखा देखने की विधि और तरीका।

हस्तरेखा यानी हाथों की रेखा आपने इसके बारे में जरूर सुना होगा कि ज्योतिष हस्तरेखा देखकर बता देते हैं, कि आपके भविष्य में क्या होने वाला है या फिर आपके भविष्य में क्या मुसीबत आने वाली है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि वह आपकी हाथों की रेखाओं को देखकर कैसे पहचान लेते हैं कि आपके भविष्य में क्या होने वाला है अगर नहीं तो आपको हम इससे जुड़ी पूरी जानकारी देंगे की हस्त रखा किस तरह से देखी जाती है आइए जानते हैं विस्तार से।

ज्योतिषियों के शास्त्र के बारे में बात की जाए तो उनका अंतर्गत हस्तरेखा का विशेष महत्व है, और भारतीय ज्योतिष हाथ की रेखा को अभिन्न अंग मानते हैं यह तो हम सभी जानते हैं कि पुराने समय से ही ज्योतिषओं का अपना एक अलग ही महत्व रहा है, और जिस भी व्यक्ति को हाथों की रेखा देखने का ज्ञान होता है वह हस्तरेखा देखकर बता देता है, कि आपके भविष्य में क्या घटना घटने वाली है आपके साथ क्या हुआ था या अब आपके साथ क्या होने वाला है।

अगर हम हस्तरेखा के मामले में सबसे महान ज्योतिष आचार्य की बात करें तो वह हैं (Cheiro) कीरो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भारत में अधिकतर जो भी हस्त रेखा के बारे में कुछ सके लिखी गई है, वह कीरो के द्वारा ही लिखी गई हैं और कीरो के द्वारा ही सबसे पहले हस्तरेखा देखना प्रारंभ किया गया था और भारत देश के महान ज्योतिष शास्त्र के ज्ञानी भी कीलों को ही अपना आदर्श मानते हैं।

अगर आप भी चाहते हैं कि आप भी हस्तरेखा अपने आप देख सके तो यह इतना आसान नहीं है लेकिन आप इसका ज्ञान ले सकते हैं, एक अच्छे हस्त रेखा विशेषज्ञ से इसके द्वारा आप अपनी आयु, विवाह, संतान, भाग्य आदि के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं, और अगर आप भी हस्तरेखा देखने में रुचि रखते हैं तो आज हम आपको बताएंगे कि हस्तरेखा देखने की विधि क्या होती है।

हस्तरेखा में विज्ञान के तहत आपके जीवन में होने वाले भूत तथा भविष्य की घटनाओं का अनुमान लगाती है आपकी हाथों की उंगलियों की बनावट के आधार पर आपके कार्यक्षेत्र स्वभाव आदि का आकलन करती है, आपकी जानकारी के लिए बता दें कि आपकी हथेली में मुख्य रूप से 7 बड़ी और 7 छोटी रेखाएं होती हैं, जिसने कि आप की मुख्य हृदय रेखा होती है और भाग्य रेखा तथा मस्तिष्क रेखा होती है, अगर जीवन की और बड़ी रेखाओं की बात की जाए तो यह जीवन रेखा, हृदय रेखा मस्तिष्क रेखा, भाग्य रेखा सूर्य रेखा, स्वास्थ्य रेखा तथा शुक्र मुद्रिका है सात छोटी रेखाओं में मंगल रेखा, चंद्र रेखा विवाह रेखा, निकृष्ट रेखा तथा तीन मणिबंध रेखाएं होती हैं, और यह हथेली की जड़ और हाथ की कलाई में स्थित होती हैं इन रेखाओं के आधार पर आपके जीवन का अनुमान लगाया जाता है।

महत्वपूर्ण बड़ी हस्तरेखा देखने का तरीका।

हस्त रेखा कैसे देखे हस्तरेखा देखने की विधि और तरीका।

अब हम आपको बताएंगे कि किस तरह से आप अपनी हस्तरेखा और को देख सकते हैं इसमें हम आपको आपके जीवन की बड़ी हस्त रेखाओं के बारे में बताएंगे तो आइए जानते हैं।

1. हृदय रेखा

हृदय रेखा की बात करें तो यह रेखा आप की सबसे छोटी उंगली कनिष्का के नीचे से निकलकर तर्जनी उंगली के मध्य तक जाती है, हृदय रेखा व्यक्ति के अवसाद गुण स्वभाव भावनात्मक स्थिरता सामाजिक व्यवहार तथा चिड़चिड़ा स्वभाव यह सब और साहित्य के प्रति प्रेम आदि को दर्शाती है। व्यक्ति की हृदय रेखा जितनी लंबी होगी व्यक्ति उतना ही सरल लोकप्रिय तथा मृदुभाषी होता है और अपने जीवन में मान प्रतिष्ठा प्राप्त करता है। जिन लोगों की हृदय रेखा छोटी होती है, उन लोगों का स्वभाव बहुत ही चिड़चिड़ा शंकालु संतोषी होता है, इन व्यक्तियों की बहुत ही छोटी सोच होती है और यह आसानी से किसी पर भी जल्दी विश्वास नहीं करते और इस प्रकार के लोगों की प्रवृत्ति की अगर बात की जाए तो यह बहुत ही क्रूर होती है।

2. मस्तिष्क रेखा

अब हम आपके हाथ की दूसरी रेखा के बारे में बात करते हैं जो महत्वपूर्ण है मस्तिष्क रेखा आपकी इस रेखा की शुरुआत तर्जनी उंगली के नीचे से होती है, और बाहर के किनारे की ओर बढ़ती जाती है, मस्तिष्क रेखा एक ऐसी रेखा है जो आपकी प्रारंभ जीवन रेखा से जुड़ी होती है और यह रेखा कभी सीधी तो कभी नीचे की तरफ होती है जिस व्यक्ति की मस्तिष्क रेखा अधिक लंबी होती है वह व्यक्ति उतना ही अच्छा होता है, और इस प्रकार के व्यक्ति अपने भाग्य पर विश्वास ना करकर अपनी मेहनत पर अधिक विश्वास करते हैं, और इस तरह की व्यक्तियों में कुछ ना कुछ नया करने की रुचि रहती है यह व्यक्ति निर्णय लेने में बहुत ज्यादा जल्दबाजी करते हैं और बाद में पछताते हैं।

3. भाग्य रेखा

अब बात करते हैं भाग्य रेखा की जो कि आपकी मध्यमा और अनामिका उंगली के बीच से होकर नीचे हथेली की ओर जाती है लेकिन यह रेखा हर व्यक्ति के हाथ में नहीं होती है, आपकी जानकारी के लिए बता दें कि आप की भाग्य रेखा जितनी ज्यादा स्पष्ट दिखाई देगी आपका जीवन उतना ही ज्यादा शुभम होता है और वह व्यक्ति बहुत ज्यादा भाग्यशाली होता है।

जिन व्यक्तियों के हाथ में भाग्य रेखा नहीं होती या बहुत ज्यादा धुंधली होती है या फिर यह टूटी हुई होती है, तो उन्हें जीवन में बहुत ज्यादा संघर्ष करना पड़ता है, और जिन व्यक्तियों के हाथ में यह रेखा होती ही नहीं है, वह बहुत ज्यादा कर्मवादी होते हैं, और इनका जीवन संघर्षों से भरा होता है अगर आप की भाग्य रेखा हथेली के नीचे से होकर जाती है तो आपके परिवार से आप को समर्थन मिलेगा और अगर यह रेखा चंद्र क्षेत्र से होकर जाती है, तो उस व्यक्ति को दूसरों की सहायता लेनी पड़ती है आगे बढ़ने के लिए।

4. विवाह रेखा

विवाह रेखा से आप समझ गए होंगे कि यह आपकी विवाह से संबंधित होती है तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि आपकी विवाह रेखा छोटी उंगली यानी कनिष्ठका के नीचे वाले हिस्से में छोटी-छोटी रेखाएं दिखाई देती है, यह हृदय रेखा के समांतर होती हैं इनको प्रेमरेखा भी कहा जाता है, इन रेखाओं के आधार पर बताया जाता है कि व्यक्ति के प्रेम संबंध कैसे हैं या उसका विवाह कैसे होने वाला है, विवाह रेखाओं की संख्या पर भी व्यक्ति के प्रेम संबंध पता चलते हैं अगर आप की विवाह रेखा पिंटिया कटी होती है तो आपके विवाह में मतभेद होने की संभावना होती है। विवाह रेखा की अगर बात करें तो अगर यह रेखा पर्वत की ओर जा रही हूं या फिर पर्वत की और पहुंच गई हो तो उस व्यक्ति का विवाह समृद्ध और संपन्न परिवार में होता है और अगर किसी व्यक्ति के दोनों हाथों में विवाह रेखा एक समान है, तो उसका वैवाहिक जीवन बहुत ज्यादा खुशहाल होता है तथा सामंजस्य बना रहता है और यह रेखा जितनी स्पष्ट होंगी आपका वैवाहिक जीवन उतना ही ज्यादा बेहतर होगा।

5. संतान रेखा

संतान रेखा जो होती है वह व्यक्ति की विवाह रेखा के अंत में ऊपर ओर जाती हुई दिखाई देती है अगर यह रेखा विवाह रेखा पर खड़ी तथा सीधी हो तो पुत्र होता है, अगर यह रेखा टेढ़ी-मेढ़ी हो तो पुत्री का संकेत देती है व्यक्ति की संतान रेखा जितनी ज्यादा स्पष्ट दिखाई देंगी उसे उस संतान के द्वारा अधिक प्रेम तथा सुख की प्राप्ति होगी।

6. विद्या रेखा

विद्या रेखा की शुरुआत अनामिका और मध्यमा उंगली के बीच से होती है यह रेखा आप की अनामिका उंगली की ओर झुकी हुई होती है जिन लोगों के हाथ में विद्या रेखा एकदम स्पष्ट होती है और बहुत लंबी होती हैै, तो व्यक्ति निर्धन होने के बाद भी अच्छी शिक्षा प्राप्त करता है और वह व्यक्ति बुद्धिमान और ज्ञानी भी होता है और जिस व्यक्ति के विद्या रेखा में क्रॉस है यानी वह व्यक्ति पढ़ाई लिखाई में अच्छा नहीं है।

7. यात्रा रेखा

यात्रा रेखा के गर्म बात करें तो यह रेखा आपके जीवन में घूमने फिरने का संकेत बताती है और यह रेखा आपकी हथेली पर तीन स्थानों में होती है, सबसे पहले चंद्रशेखर पर दूसरा मणिबंध से प्रारंभ होकर ऊपर को जाती हुई प्रतीत होती है और तीसरा जीवन रेखा से होते हुए निकलती है, यही रेखाएं यात्रा रेखाएं होती हैं अगर आपको यह रेखाएं ऊपर की ओर जाती हुई प्रति दिखाई देती हैं, तो यानी आपकी यात्रा में वृद्धि होगी यह रेखा जितनी ज्यादा स्पष्ट होगी मानो आपके यात्रा के अंतर्गत जीवन भाग्य में उन्नति होती है।

8. स्वास्थ्य रेखा

स्वास्थ्य रेखा व्यक्ति की सबसे छोटी उंगली कनिष्का से शुरू होकर हथेली के नीचे की ओर जाती हुई दिखाई देती है और यह रेखा जितनी ज्यादा स्पष्ट दिखाई देती है उस व्यक्ति का स्वास्थ्य उतना ही ज्यादा अधिक अच्छा होता है।

9. सूर्य रेखा

सूर्य रेखा व्यक्ति की हथेली में चंद्र पर्वत से प्रारंभ होकर अनामिका उंगली तक जाती है जिस व्यक्ति के हाथ में सूर्य रेखा बहुत अच्छी होती है वह व्यक्ति स्वाभिमानी, निडर और दृढ़ इच्छाशक्ति वाले होते हैं, और यह व्यक्ति कभी भी अपने जीवन में हार नहीं मानते।

10. शुक्र मुद्रिका

यह रेखा आपकी कनिष्का उंगली और अनामिका के माध्यम से शुरू होती है तथा आपकी तर्जनी और अनामिका के मध्य में चंद्राकार रूप में होती है, यह रेखा आपको विलासी का मुखर्जी ने और भौतिकवादी लोगों के हाथ में ही दिखाई देगी।

11. मंगल रेखा

मंगल रेखा व्यक्ति की जीवन रेखा और अंगूठे के बीच से निकलती है और मंगल पर्वत तक जाती है, यह रेखा जितनी अच्छी दिखाई देती है वह व्यक्ति उतना ही तीर बुद्धि वाला और लक्ष्य के प्रति बहुत ही जुझारू होता है, और मंगल रेखा जिनकी अच्छी होती है वह व्यक्ति अपने हर कार्य को सोच समझकर करते हैं और अपने सोचे हुए कार्य को पूरा भी करते हैं।

12. चंद्र रेखा

चंद्र रेखा की कनिष्का और अनामिका उंगली दोनों के मध्य से होकर नीचे मणिबंध तक जाती हुई दिखाई देगी इस रेखा का आकार धनुष आकार की तरह होता है, और यह रेखा प्रेरणादायक तथा उत्ती कौन होती है इस रेखा वाले लोग कुशल तथा मिलनसार होते हैं।

13. निकृष्ट रेखा

इस रेखा की अगर बात करें तो यह दुख तथा कष्ट दाई होती है इसलिए इसे निकृष्ट रेखा कहती हैं, यह रेखा आपकी चंद्र रेखा से बढ़ती हुई स्वास्थ्य रेखा के साथ शुक्र स्थान में प्रवेश करती है।

हस्तरेखा से संबंधित धारणाएं।

  • अगर हस्तरेखा की बात की जाए तो यह विज्ञान के अनुसार पुरुष के दाएं हाथ में देखी जाती हैं और महिलाओं के बाएं हाथ में और यह मानना होता है, ज्योतिषियों का की हस्त रेखाओं को कभी भी प्रातकाल में नहीं देखना चाहिए अगर आप अपनी हस्तरेखा दिखाना चाहते हैं या फिर आप खुद इनको समझना चाहते हैं तो आप दोपहर या रात के समय में भी अपनी हस्त रेखाओं का आकलन ना करें।
  • अगर आप किसी भी ज्योतिष विद्वान को अपना हाथ दिखाते हैं तो उस समय अपना मन ठंडा रखें और शांत रखें क्योंकि आपके मन में जो भी चल रहा होता है, या आपका मन अगर उथल-पुथल होता है तो उसका सीधा प्रभाव आपकी हाथों की रेखाओं पर पड़ता है।
  • याद रहे कि खाना खाने के बाद और किसी भारी काम को करने के बाद भी अपनी हस्त रेखाओं को ना दिखाएं क्योंकि उस समय आपका रक्त तीर्व होने के कारण रेखाएं स्पष्ट नहीं दिखाई देती है।

तो आज हमने आपको हस्त रेखाओं के बारे में पूरा ज्ञान दिया उम्मीद करते हैं, अब आप जान गए होंगे कि हस्त रेखाएं किस तरह से देखी जाती हैं, और कौन सी रेखा किस चीज का संकेत करती है आपके भविष्य में अगर आपको हमारे आज के आर्टिकल द्वारा दी गई जानकारी पसंद आए तो इसे आगे भी जरूर शेयर करें और नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में कमेंट करके हमें जरूर बताएं।

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