अंधभक्त क्या होता है। अंधभक्ति के बारे में पूरी जानकारी

अक्सर आपने बहुत से लोगों को कहते सुना होगा कि यह तो अंधभक्त है या यह तो अंधविश्वास करता है, आज हम आपको उसी के बारे में विस्तार से बताएंगे कि अंधभक्त किसे कहा जाता है और आज के समय में अंधभक्ति बहुत ज्यादा बढ़ भी गई है यह जानना आपके लिए बहुत ज्यादा जरूरी है तो आइए जानते हैं विस्तार से।

अगर हम वर्तमान समय की बात करें तो इस समय अंधभक्ति बहुत ज्यादा बढ़ गई है यह नहीं कहा जा सकता कि कितने अंधभक्त हमारे देश में अक्सर सभी लोग ऐसी चीजों पर विश्वास करने लगे हैं जो बिल्कुल बेकार की हैं, और उन पर अंधविश्वास करते हैं आज के समय में आप कहीं भी चले जाइए आपको ज्यादातर अंधभक्त व्यक्ति मिल ही जाएंगे चाहे आप राजनीति में देखी या धर्म की बात कर ले आपको दोनों ही क्षेत्रों में अंधभक्त देखने को मिल जाते हैं तो इसी वजह से आज हम आपको इस विषय में पूरे विस्तार से चीजें बताएंगे कि अंधभक्त क्या है।

अंधभक्त क्या है?

अंधभक्त क्या होता है। अंधभक्ति के बारे में पूरी जानकारी

अगर अंध भक्तों की बात की जाए तो इसका सीधा मतलब है कि ऐसा व्यक्ति जो किसी दूसरे पर बिल्कुल आंख बंद कर कर विश्वास करता है, और उसकी सभी बातें सही मानता है आपने ऐसे बहुत से लोग देखें भी होंगे कि अगर उनको कोई पंडित या कोई भी बाबा यह बोल दे कि आपके परिवार में यह समस्या आने वाली है तो वह बिना कुछ सोचे समझे समझ लेते हैं कि हां अब उनके परिवार में कुछ ना कुछ समस्या आने वाली है, और उस पर आंख बंद कर विश्वास कर लेते हैं और सामने वाला उनसे इसी अंधविश्वास के पैसे लूट लेता है इसे अंधभक्त कहा जाता है।

आज के इस वर्तमान युग में अंधभक्त लोग इतने ज्यादा हो गए हैं और फिर वह उत्पीड़न और अवहेलना के शिकार होते हैं, लोगों की अंधभक्ति इस कदर बढ़ गई है कि वह मनगढ़ंत कहानियों पर विश्वास करने लगे हैं और धार्मिक रीति-रिवाजों को इस कदर मानने लगे हैं कि उसके अलावा मानो कुछ है ही नहीं ईश्वर की कल्पना करने लगे हैं, अंधभक्त दो शब्दों से बना हुआ है अंध और भक्त से मिलकर यह शब्द बनाएं अंधभक्त में अंध का मतलब होता है, अंधा और भक्तों का मतलब होता है उसकी पूजा करना है यानी ऐसी पूजा करना जो बिना देखे बिना सोचे समझे अंधी पूजा करना किसी की।

अगर बात करें कि अंध भक्तों को हिंदी में क्या कहा जाता है तो अंध भक्तों को हिंदी में अंधविश्वासी, अंधभक्त, अंध राष्ट्रवादी कहते हैं। इसके बहुत से मतलब होते हैं जैसे कि आप बंद कर कर किसी पर भी विश्वास कर लेना और English में इसको Superstitious, Worshippers कहा जाता है।

अंधभक्त शब्द चर्चा का विषय क्यों है?

अगर देखा जाए तो आज के इस वर्तमान में अंधभक्त शब्द एक चर्चा का विषय बन चुका है, क्योंकि अंधभक्ति केवल भगवान के लिए नहीं रह गई लोगों में यह बढ़ती ही जा रही है जैसी कि लोग बाग बाबा, मौलवी, मौलाना इन सब पर बेतहाशा विश्वास करने लगी है, और अंधे होकर इनकी बातें सुनते हैं और अपने पैसों को बर्बाद करते हैं लेकिन अब अंधभक्त शब्द की चर्चा और राजनीति तक में आ गई है वर्तमान समय में भारत में BJP की सरकार है और देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी हैं, जिनकी लोकप्रियता दिन प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही है और सभी राजनीतिक दल के समर्थक नरेंद्र मोदी जी के समर्थकों को अंधभक्ति का नाम दे चुके हैं जहां तक की Social Media पर भी मोदी के समर्थकों को विपक्ष के समर्थक बनने का अंधभक्त कहते हैं।

अगर वर्तमान समय की राजनीतिक स्थिति को देखा जाए तो स्थिति को देखते हुए कोई भी कारण स्पष्ट निकाला नहीं जा सकता कि नरेंद्र मोदी जी राजनीति में आदर्श मानने वाले लोग ही अंधभक्त हैं। यह तो हम सभी जानते हैं कि हमारे देश में दो बार बहुमत से चुने जाने वाले सरकार के मुखिया नरेंद्र मोदी जी हैं और इनके अच्छे कामों की वजह से ही यह बार-बार आते हैं इन्होंने बहुत से भ्रष्टाचार पर डिजिटल तरीके से लगाम लगाया। अगर विपक्ष पार्टी की बात की जाए तो इन लोगों के गले से यह बात नीचे नहीं उतर रही है लेकिन मोदी जी इस तरह के कार्य कर रही है कि लोग उन्हें अपना आदर्श मानने लगे हैं और विपक्ष के लोगों ने अंधभक्त कहकर अपनी भड़ास निकालते हैं।

अंध भक्तों के लक्षण।

अगर बात करने की अंधभक्त होते इस किस प्रकार के हैं तो आइए जानते हैं उनके लक्षणों के बारे में।

  • जो अंधभक्त होता है वह किसी की नहीं सुनता।
  • अंध भक्त ऐसे होते हैं जिनको जो बोलोगे वही करते हैं बिना कुछ सोचे समझे।
  • अंध भक्तों का किसी भी पार्टी से कोई लेना देना नहीं होता है।
  • अंध भक्तों का केवल कहीं ना कहीं कोई स्वार्थ जुड़ा होता है।

अंध भक्तों के प्रकार।

  • राजनीति के अंधभक्त
  • धर्म के अंधभक्त
  • जाति के नाम पर अंधभक्ति
  • देश के अंधभक्त
  • नेता के नाम पर अंधभक्त
  • किसी राजनीतिक पार्टी के अंधभक्त
  • मोदी जी के अंध भक्त
  • राहुल गांधी के अंधभक्त
  • केजरीवाल के अंधभक्त

भक्त और अंधभक्त में अंतर।

  • अब अगर हम बात करें कि भक्त और अंधभक्त में क्या होता है हम सब तो इन में बहुत से अंतर होते हैं, क्योंकि भक्त हमेशा भगवान की पूजा करता है और अंधभक्त किसी कभी हो सकता है इस संसार में।
  • अगर हम भक्तों की बात करें तो इनके मन में कोई लालच और स्वार्थ नहीं छुपा होता यह अपनी स्वार्थ मन से भगवान की पूजा अर्चना करते हैं।
  • और अगर अंध भक्तों की बात की जाए तो यह लालच और अपने स्वार्थ के लिए लोगों पर अंधा विश्वास करते हैं।
  • राजनीतिक अंध भक्त वह होते हैं जिनको लालच होता है कि उन्हें इस पार्टी से कुछ ना कुछ सपोर्ट मिलेगा और उनका कार्य पूरा हो सकता है।

तो अब आप जान गए होंगे कि अंधभक्त क्या है, और अंधभक्ति कितनी ज्यादा दिन प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही है हमने आपको अंधभक्ति के प्रकार भी बताएं और अंधभक्त किस तरह के होते हैं, यह भी बताया तो अगर आपको हमारे आज के आर्टिकल द्वारा दी गई जानकारी पसंद आए तो इसे आगे भी जरूर शेयर करें और नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में कमेंट करके हमें जरूर बताएं।

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